कानपुर देहात: इंजेक्शन लगते ही महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप

रिपोर्ट – प्रमोद कुमार

रसूलाबाद क्षेत्र के हॉस्पिटल में उपचार के दौरान 40 वर्षीय महिला सीमा की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत उपचार का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल संचालक और डॉक्टर मौके से फरार हो गए, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।

सुभाष नगर वार्ड निवासी अशोक अपनी पत्नी सीमा को शुक्रवार सुबह सांस लेने में दिक्कत होने पर श्री हंस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डायरेक्टर ने इलाज शुरू करने से पहले 20 हजार रुपये जमा कराए थे। इसके बाद ब्लड चढ़ाने के नाम पर 5 हजार रुपये और दवाइयों का खर्च अलग से वसूला गया।

परिजनों का दावा है कि गलत उपचार के कारण सीमा की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। मृतका के पुत्र सूरज ने बताया कि जब वह अपने पिता के लिए घर से खाना लेने गया था, तभी अस्पताल से सूचना मिली कि उसकी मां की हालत गंभीर है और उन्हें किसी अन्य अस्पताल ले जाया जाए।

सूरज के अस्पताल पहुंचने पर उसकी मां अचेत अवस्था में मिलीं। अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट नहीं की, जिसके बाद परिजन सीमा को तुरंत सीएचसी रसूलाबाद ले गए। सीएचसी रसूलाबाद में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर बृजेश ने जांच के बाद सीमा को मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद आक्रोशित परिजन शव को लेकर वापस हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन तब तक अस्पताल संचालक और स्टाफ मौके से फरार हो चुके थे।

इस घटना ने रसूलाबाद क्षेत्र में बिना मानकों के संचालित हो रहे निजी अस्पतालों की स्थिति को फिर से उजागर किया है। आरोप है कि एक दर्जन से अधिक निजी अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता और निगरानी के अभाव ने इस स्थिति को गंभीर बना दिया है।

कोतवाल एसएन सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर दी गई है, लेकिन उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई करने की बात कह रही है।

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